Browse songs by

ye qafas hii mujhako ajiiz hai

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


ये क़फ़स ही मुझको अजीज़ है कि मैं जी सकूँगा क़रार से
मुझे अब चमन में न ले चलो मैं डरा हुआ हूँ बहार से

मैं बग़ैर सजदा गुज़र गया था रवा दवा दर-ए-यार से
मेरा इश्क़ आज भी सरग़राँ है उसी गुनाह के बार से

ग़म-ए-आशिक़ी से भी सख़्त था ग़म-ए-ज़िंदगी का मुक़ाबिला
जो शिकस्त खाई तो रो दिया मैं लिपट के दामान-ए-यार से

मैं 'शकील' किसको करूँ गिला है मेरा नसीब ही बेवफ़ा
वही मुझसे करते हैं दुश्मनी जिन्हें देखता हूँ प्यार से

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image