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merii prem kii naiyaa chalii mai.n akelii

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जु: मेरी प्रेम की नैया चली, मैं अकेली
प्रेमी, तुम आओ
क: ये किसने गीत ???? गाया?, कहाँ?, सुनाओ
फिर सुनाओ

क: तुम मँझधार में बिना सहारे
मैं हूँ दूर किनारे
आऊँ कैसे पास तुम्हारे
जु: ज्यूँ दरिया सागर से मिलता
अपनी बाह पसारे
तुम आओ पास हमारे
दो: दुनिया को तुम मन से भूलो
मुझ में तुम खो जाओ, आओ
प्रेमी, तुम आओ

जु: मिलन प्यास मेरी दिन-दिन???? में
बढ़ती जाती मन में
जो बुझे नहीं जीवन में
क: मिलन नीर बहता है निसदिन
प्रेमी के नैनन में
तुम देखो मन दर्पन में
दो: नैनों ही नैनों में अपनी
बात मुझे समझाओ, आओ
प्रेमी, तुम आओ

Comments/Credits:

			 % Date: 04 Aug 2003
% Comments: Geetanjali Series
		     
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