Browse songs by

ye kis Kalish ne phir is dil me.n aashiyaanaa kiyaa - - Ghulam Ali

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


ये किस ख़लिश ने फिर इस दिल में आशियाना किया
फिर आज किसने सुखन हमसे गाइबाना किया

ग़म-ए-जहाँ हो रुख़-ए-यार हो कि दस्त-ए-उदू
सुलूक जिससे किया हमने आशिक़ाना किया

थे ख़ाक-ए-राह भी हम लोग बहर तूफ़ाँ भी
सहा तो क्या न सहा और किया तो क्या न किया

वो राज़ आज हर एक मुद्दी के लब पर है
वो राज़ जिसने हमें रांदा-ए-ज़माना किया

वो हीलागर जो नासेह है और जफ़ा-ख़ूँ भी
किया भी 'फ़ैज़' तूने किस बुत से दोस्ताना किया

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image