Browse songs by

vaqt ke Dhaa.Nche me.n ... patthar se shiishaa Takaraa ke

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


वक़्त के ढाँचे में अपनी ज़िंदगी को ढाल कर
मुस्कुराओ मौत की आँखों में आँखें डाल कर

पत्थर से शीशा टकरा के, वो कहते हैं दिल टूटे न
उस धन की कीमत कुछ भी नहीं, जिस धन को लुटेरा लूटे न

दो आँखों के टकराने से
अफ़साने बनते हैं लेकिन
कुछ ऐसे फ़साने हैं जिनका
काँटों से दामन छूटे न
पत्थर से शीशा टकरा के ...

आँखों का इशारा धोखा था
बातों का सहारा धोखा था
अब ग़म में दिल डूबे लेकिन
मँझधार से नाता टूटेए न
पत्थर से शीशा टकरा के ...

तूफ़ाँ में चलते रहना है
शोलों में जलते रहना है
वो मंज़िल क्या जिस मंज़िल पे
पैरों के छाले फूटे न
पत्थर से शीशा टकरा के ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: K Vijay Kumar
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image