Browse songs by

tuune raat ga.Nwaa_ii soye ke - - Mukesh

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


तूने रात गँवाईं सोय के दिवस गँवाया खाय के
हीरा जनम अमोल था कौड़ी बदले जाय
तूने रात गँवाईं सोये के

सुमिरन लगन लगाये के मुख से कछु न बोल रे
बाहर के पट बंद कर अंदर के पट खोल रे

माला फेरत जुग हुआ (गया न मनका फेर)-२
(हाथ का मनका छोड़ दे)-२ मन का मनका फेर
तूने रात गँवाईं ...

दुख में सुमिरन सब करे सुख में करे न कोय
जो सुख में सुमिरन करे सो दुख काहे को होय

सुख में सुमिरन ना किया दुख में करता याद रे
कहे कबीर उस दास कि कौन सुने फ़रियाद

तूने रात गँवाईं सोय के दिवस गँवाया खाय के
हीरा जनम अमोल था कौड़ी बदले जाय

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Animesh Kumar
% series: Sukhsaagar
% date: 27 Jun, 2003
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image