Browse songs by

jiye.nge magar muskuraa na sake.nge - - Mukesh

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


जियेंगे मगर मुस्कुरा ना सकेंगे,
के अब ज़िन्दगी में मोहब्बत नहीं है
लबों पे तराने अब आ ना सकेंगे,
के अब ज़िन्दगी में मोहब्बत नहीं है

बहारें चमन में जब आया करेंगी,
नज़ारों की महफ़िल सजाया करेंगी
नज़ारें भी हमको हँसा ना सकेंगे,
के अब ज़िन्दगी में मोहब्बत नहीं है

जवानी जो लायेगी सावन की रातें,
ज़माना करेगा मोहब्बत की बातें
मगर हम ये सावन मना ना सकेंगे,
के अब ज़िन्दगी में मोहब्बत नहीं है

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Ravi Kant Rai (rrai@plains.nodak.edu)
% Editor: Anurag Shankar (anurag@chandra.astro.indiana.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image