Browse songs by

jabase tuune mujhe diiwaanaa banaa rakhaa hai

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


किसी का क्या जो कदमों पर ज़बीन-ए-बन्दगी रख दी
हमारी चीज़ थी हमने जहाँ जानी वहाँ रख दी
जो दिल मांगा तो वो बोले के ठहरो याद करने दो
ज़रा सी चीज़ थी हमने ख़ुदा जाने कहाँ रख दी

जबसे तूने मुझे दीवाना बना रखा है
संग हर शख़्स ने हाथों में उठा रखा है

सुना है ग़ैर की महफ़िल में तुम ना जाओगे
कहो तो आज सजा लूँ ग़रीबख़ाने को

उसके दिल पर भी कड़ी इश्क़ में गुज़री होगी
नाम जिसने भी मुहब्बत का सज़ा रखा है

दुनिया बड़ी बावरी पत्थर पूजने जाये
घर की चक्की कोई न पूजे जिसका पीसा खाये

पत्थरों आज मेरे सर पे बरसते क्यूँ हो
मैंने तुमको भी कभी अपना ख़ुदा रखा है

मर भी जाऊँ तो दफ़ना देना मयख़ाने में
ताके मयख़्हाने की मिट्टी रहे मयख़ाने में

हर रंग में इबलीस सज़ा देता है
इंसाँ को ब-हर तौर दग़ा देता है
कर सकते नहीं ग़ुनाह जो अहमक लोग
उनको बेरूह निमाज़ूं में लगा देता है

पी जा अय्याम की तल्ख़ी को भी हँस के 'नासिर'
ग़म को सहने में भी क़ुदरत ने मज़ा रखा है

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image