Browse songs by

ek phuul ha.ns ke ... jiine kaa Dha.ng sikhaaye jaa

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


एक फूल हंस के बाग़ में कलियाँ खिलाये जा
शबनम के अश्क अपनी हँसी में छुपाये जा

जीने का ढंग सिखाये जा
काँटों की नोक पर खड़ा मुस्कुराये जा
जीने का ढंग सिखाये जा ...

भँवरे ने तेरे कानों में कुछ गुनगुना दिया
ये कह के राज़-ए-ज़िंदगी तुझको बता दिया
रोते हुए जहान में तू मुस्कुराये जा, तू मुस्कुराये जा
जीने का ढंग सिखाये जा ...

बुलबुल की सदाओं में भी पैग़ाम यही है
कोयल की पीहकू सुबह शाम यही है
ओ हँसते हुए फूल तेरे हुस्न पे सदक़े
पतझड़ में क्या करे कोई इतना बताये जा
जीने का ढंग सिखाये जा ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: K Vijay Kumar
% Credits: Neha Desai
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image