Browse songs by

ye shahar ba.Daa alabelaa ... si.ngaapur

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


मु : ये शहर बड़ा अलबेला हर तरफ़ हसीनों का मेला
पर और भी है कुछ आगे तू चला चल अकेला
को : सिंगापुर -३

मु : जवाँ शहर दिलवालों का हमारे जैसे मतवालों का
गले मिले सब यहाँ पे आकर नहीं भेद गोरे-कालों का
को : नियुम्मा
मु : ये शहर बड़ा ...
को : सिंगापुर -३

मु : यु मुस्कराती नटखट गुड़ियाँ यह हुस्न वाली मीठी छुरियाँ
ज़रा देर को सब चकराएँ कहाँ से आईं इतनी परियाँ
को : नमस्ते
मु : ये शहर बड़ा ...
को : सिंगापुर -३

मु : जिधर से गुज़रे हम मस्ती में बहार आई उस बस्ती में
चलें प्यार के नग़में गाते है घर किसी दिल की दिल्ली में
को : नियुम्मा
मु : ये शहर बड़ा ...
को : सिंगापुर -३

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image