Browse songs by

ye kisakaa lahuu hai kaun maraa

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


धरती की सुलगती छाती के बेचैन शरारे पूछते हैं

ये किसका लहू है कौन मरा -२
ऐ रहबर मुल्क़-ओ-क़ौम बता
ये किसका लहू है कौन मरा

ये जलते हुये घर किसके है
ये कटते हुये तन किसके हैं
तक़्सीम के अंधे तूफ़ाँ में
लुटते हुये गुलशन किसके हैं
बद-बख़्त ख़िज़ायें किसकी हैं
बरबाद नशेमन किसके हैं
कुछ हम भी सुनें हमको भी सुना

ऐ रहबर मुल्क़-ओ-क़ौम बता
ये किसका लहू है कौन मरा

किस काम के हैं ये दीन धरम
जो शर्म का दामन चाक करें
किस तरह के हैं ये देश भगत
जो बसते घरों को ख़ाक करें
ये रूहें कैसी रूहें हैं
जो धरती को नापाक करें
आँखें तो उठा नज़रें तो मिला

ऐ रहबर मुल्क़-ओ-क़ौम बता
ये किसका लहू है कौन मरा

जिस राम के नाम पे ख़ून बहे
उस राम की इज़्ज़त क्या होगी
जिस दीन के हाथों लाज लुटे
उस दीन की क़ीमत क्या होगी
इनसान की इस ज़िल्लत से परे
शैतान की ज़िल्लत क्या होगी
ये वेद हटा क़ुरान उठा

ऐ रहबर मुल्क़-ओ-क़ौम बता
ये किसका लहू है कौन मरा

Comments/Credits:

			 % Song Courtesy: http://www.indianscreen.com
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image