Browse songs by

ulfat kii nayii ma.nzil ko chalaa

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


उल्फ़त की नयी मंज़िल को चला तू बाहें डाल के बाहों में
दिल तोड़ने वाले देख के चल, हम भी तो पड़े हैं राहों में

क्या क्या न जफ़ाएं दिल पे सहीं, पर तुम पे कोई शिक़वा ना किया
इस जुमर् को भी शामिल कर लो मेरे मासूम ग़ुनाहों में

जब चांदनी रातों में तू ने, ख़ुद हम से किया इक़रार-ए-वफ़ा
फिर आज हैं क्यों हम बेगाने, तेरी बेरहम निग़ाहों में

हम भी हैं वही तुम भी हो वही ये अपनी अपनी क़िसमत है
तुम खेल रहे हो ख़्हुशियों से, हम डूब गये हैं आहों में

दिल तोड़ने वाले देख के चल, हम भी तो पड़े हैं राहों में

Comments/Credits:

			 % Transliterator: K Vijay Kumar
% Credits: Ek Mitra
% Comments: The song has been included in Meera Nair's "Kamasutra" as well.
%           That version is by Shobha Gurtu. Iqbal Bano's is probably a
%           non-Film version. The lyrics below are a composite of the two
%           versions.
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image