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taaro.n me.n saj ke apane suuraj se

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तारों में सजके अपने सूरज से
देखो धरती चली मिलने
झनकी पायल मच गई हलचल
अम्बर सारा लगा हिलने

(है घटाओं का, दो नैन में काजल
धूप का मुख पे, डाले सुनहरा सा आँचल - २)
हो ... यूं लहराई, ली अंगड़ाई
लगी जैसे धनक खिलने

तारों में सजके, अपने सूरज से ...

(आग सी लपके, जलती हुई राहें
जी को बहलाएं, बेचैन तूफ़ां की आंहें - २)
हो ... ना डरेगी, ना रुकेगी
देखें क्या हो कहा दिल ने

तारों में सजके, अपने सूरज से ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Ravi Kant Rai 
% Credits: Prince Kohli (pkohli@cc.gatech.edu)
% Editor: Anurag Shankar (anurag@astro.indiana.edu)
		     
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