Browse songs by

sharaab\-e\-naab ko do\-aatishaa banaa ke pilaa

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


शराब-ए-नाब को दो-आतिशा बना के पिला
पिलानेवाले नज़र से नज़र से मिला के पिला

झलक रहा था तबस्सुम भी साग़र-ए-मय में
फिर एक बार उसी तरह मुस्कुरा के पिला

पिला हर एक को हर एक पर नवाज़िश कर
मगर ये शर्त है पहले मुझे पिला के पिला

कुछ इम्तियाज़ रहे मैकदे में मैकश का
लबों से अपने हर एक जाम को लगा के पिला

Comments/Credits:

			 % Contributor: Abhay Phadnis
% Transliterator: Abhay Phadnis
% Credits: Manohar Bodas 
% Date: 26 Nov 2004
% generated using giitaayan
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image