Browse songs by

sakhii rii birahaa ke dukha.De ... aaj sajan mohe a.ng lagaa lo

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


सखी री बिरहा के दुखड़े सह सह कर जब राधे बेसुध हो ली
तो इक दिन अपने मनमोहन से जा कर यूँ बोली

आज सजन मोहे अंग लगालो
जनम सफ़ल हो जाये
हृदय की पीड़ा देह की अग्नि
सब शीतल हो जाये

करूं लाख जतन मोरे मन की तपन
मोरे तन की जलन नहीं जाये
कैसी लागी ये लगन कैसी जागी ये अगन
जिया धीर धरन नहीं पाये
प्रेम सुधा ... मोरे साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन ...

मोहे अपना बनालो मेरी बाँह पकड़
मैं हूँ जनम जनम की दासी
मेरी प्यास बुझा दो मनहर गिरिधर, प्यास बुझा दो
मैं हूँ अन्तर्घट तक प्यासी
प्रेम सुधा ... मोरे साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन ...

कई जुग से हैं जागे
मोरे नैन अभागे) २
कहीं जिया नहीं लागे बिन तोरे
सुख देखे नहीं आगे २
दुःख पीछे पीछे भागे
जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा, मोरे साँवरिया, साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Ravi Kant Rai (rrai@plains.nodak.edu)
% Credits: Neeraj Malhotra (malhotra@bedford.progress.com)
%          Ashok Dhareshwar
% Editor: Anurag Shankar (anurag@astro.indiana.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image