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saajan saajan pukaaruu.N galiyo.n me.n

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साजन साजन पुकारूँ गलियों में
कभी फूलों में ढूँढूँ कभी कलियों में
साजन साजन ...

ऐसे रूठा है बेदर्दी कहा ना माने
मेरे जी की मेरी जाँ की क़दर ना जाने
मैं उसी ज़ुल्मी के नैना मस्ताने
कभी फूलों में ...

बुलबुल समझे है फूलों का दिल मस्ताना
भँवरे समझे हैं कलियों से मेरा याराना
मैं तो अपना रूठा साजन दीवाना
कभी फूलों में ...

मुझसे कहती है पर्वत पे काली घटा छा-छा के
हो रामा हँसती है पूरब से हवा आ-आ के
वो छुपा है दिल में और मैं जा-जा के
कभी फूलों में ...

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