Browse songs by

qismat kaa maaraa pa.nchhii akelaa roye - - Talat

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


किसमत का मारा
किसमत का मारा पंछी अकेला रोये
रोये
मिलन की बेला -२

धीमे-धीमे चाँद ने अपनी किरनों का जाल फैलाया
हलके-हलके हवा के झोंकों ने फूलों को सहलाया
जब लहरें नाच-नाच कर चूमीं तट को
झट झूम-झूम चन्दा की छाँव में रात ने
रात ने रंग उडेला

किसमत का मारा
किसमत का मारा पंछी अकेला रोये
रोये
मिलन की बेला

पागल मन की आशाओं का एक सितारा टूटा -२
प्रेम-पन्थ के राही से उम्मीद का दामन छूटा -२

मधुर चाँदनी बन दुलहन आई आकाश के द्वार पे
जनम-जनम का प्यासा चकोरा पागल हुआ सिंगार पे
कब बीती
कब बीती वो रात उसने ना जाना
मूरख घूम-घूम कर मार थक गया
टूटा
टूटा वो सपन रुपहला

किसमत का मारा
किसमत का मारा पंछी अकेला रोये
रोये
मिलन की बेला -२

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image