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puravaa_ii pavan laharaa_e

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स्स:
पुरवाई पवन लहराए, ओ जिया गाए
कानों में कहता है कोई, (वो आयें) - ३
त्म:
आई बसंत, आई बसंत, फूलों से दामन भरे

त्म:
अम्बुवा की डाली पे बोले कोयलिया
स्स:
गुलशन में झूले पड़े
पुरवाई पवन लहराए ...

त्म:
मन को लुभाए शाम सुहानी
रंगत हुई बन की रानी
उमंगों के दिन हैं, बहारों का मौसम
स्स: गुल पर है बुलबुल दिवानी
त्म: दिवानी
स्स: गुल पर है बुलबुल दिवानी
त्म: झूम झूम गाए नवेली अलबेली
स्स: प्रेमी के मन को हरे
बो: झूम झूम गाए नवेली अलबेली
प्रेमी के मन को हरे

बो: (आई बसंत,) - २ फूलों से दामन भरे
बो: (आई बसंत,) - २ फूलों से दामन भरे

Comments/Credits:

			 % Date: 22 september 2002
% Comments: Talat's only (Hindi) film song in 1947.
		     
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