Browse songs by

musaafir hai.n ham\-tum ye duniyaa saraay

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


मुसाफ़िर हैं हम-तुम ये दुनिया सराय
इधर कोई आए उधर कोई जाए
ये जलवे ये नग़में ये महफ़िल सुहानी
ये हुस्न और मोहब्बत की रंगीं कहानी
यहाँ की हर एक चीज़ है आनी जानी
वो नादान है इनसे जो दिल लगाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ...

हर एक चीज़ में है नई ज़िन्दगानी
वो नादान है जो यहाँ तक न आए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ...

ज़माना हुआ है न होगा किसी का
तमाशा है सारा घड़ी दो घड़ी का
भरोसा न करना कभी ज़िन्दगी का
ना मालूम कब साँस आए न आए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ...

ये दुनिया है दो घड़ी का तमाशा
न करना यहाँ ज़िन्दगी का भरोसा
ना बाकी रहे कोई दिल की तमन्ना
अधूरी कहीं दास्तां रह न जाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ...

Comments/Credits:

			 % Comments: Sequel of Khul Ja Sim Sim - 1956
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image