Browse songs by

mahafil se uTh jaanevaalo tum logo.n par kyaa ilzaam

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


महफ़िल से उठ जानेवालों, तुम लोगों पर क्या इल्ज़ाम
तुम आबाद घरों के बासी, मैं आवारा और बदनाम
मेरे साथी, मेरे साथी, मेरे साथी खाली जाम
मेरे साथी खाली जाम

दो दिन तुम ने प्यार जताया, दो दिन तुम से मेल रहा
अच्छा खासा वक़्त कटा, और अच्छा खासा खेल रहा
ही ही (hollow laughter)
अच्छा खासा खेल रहा
अब उस खेल का फ़िक्र ही कैसा, वक्त कटा और खेल तमाम
मेरे साथी ...

तुम ने ढूँढी सुख की दौलत, मैंने पाला ग़म का रोग
कैसे बनाता कैसे निभाता, ये रिश्ता और ये संजोग
मैं ने दिल को दिल से तोला, तुम ने माँगे प्यार के दाम
मेरे साथी ...

तुम दुनिया को बेहतर समझे, मैं पागल खारखार (?) हुआ
तुम को अपना नहीं निकला था, खुद से भी बेज़ार रहा
ही ही (hollow laughter again)
खुद से भी बेज़ार रहा
देख लिया बर्खास्त (?) तमाशा, जान लिया अपना अन्जाम
मेरे साथी ...
मेरे साथी खाली जाम

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Ravi Kant Rai (rrai@plains.nodak.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image