Browse songs by

khilate hai.n gul yahaa.N khil ke bikharane ko

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


खिलते हैं गुल यहाँ, खिलके बिखरने को
मिलते हैं दिल यहाँ, मिलके बिछड़ने को
खिलते हैं गुल यहाँ ...

(कल रहे ना रहे, मौसम ये प्यार का
कल रुके न रुके, डोला बहार का ) - (२)
चार पल मिले जो आज, प्यार में गुज़ार दे
खिलते हैं गुल यहाँ ...

झीलों के होंठों पर, मेघों का राग है
फूलों के सीने में, ठंडी ठंडी आग है
दिल के आइने में तू, ये समा उतार दे
खिलते हैं गुल यहाँ ...

प्यासा है दिल सनम, प्यासी ये रात है
होंठों मे दबी दबी, कोई मीठी बात है
इन लम्हों पे आज तू, हर खुशी निसार दे
खिलते हैं गुल यहाँ ...

Comments/Credits:

			 % Credits: rec.music.indian.misc 
%          Venkatasubramanian K G (gopala@cs.wisc.edu)
% Editor: Anurag Shankar (anurag@astro.indiana.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image