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kalii\-kalii ma.NDalaa_e bha.Nwaraa

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कली-कली मँड़लाये भँवरा
कहीं भी चैन न पाए
सभी से नैन मिलाए पगला
हरजाई कहलाए

नये नवेले प्यार के मेले
इसके मन को भाए
हम दुखियारे बिरहा के मारे
छुप छुप नीर बहाए
हमें रुलाता जाये भँवरा
आप नये सुख पाए

मीत है किसके गीत ये इसके
झूठी हैं सब ताने
क्या होती है प्यार भरी लय
हरजाई क्या जाने
हाथ लगाने आए भँवरा
बात बने उड़ जाए

घुन घुन गाये रूप चुराए
देकर प्यार की लोरी
लाख सताये फिर भी लुभाए
इस छलिये की चोरी
काश मेरा बन जाए भँवरा
और कहीं ना जाए

सभी से नैन मिलाए पगला
हरजाई कहलाए

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Abhay Phadnis
% Credits: Urzung Khan
% Comments: Noor-e-Tarannum Series; November 04, 2002
% Availability: "Noor Jehan - Latest Hits" - Magnasound
		     
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