Browse songs by

ik garam chaay kii pyaalii ho .. tar ram pam pam

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


इक गरम चाय की प्याली हो
कोई उसको पिलाने वाली हो
चाहें गोरी हो या काली हो
सीने से लगाने वाली हो
मिट जाए तो मिट जाए हर गम
तर रम पम पम
छिन पक पक

सुबह सुबह मैं निकलूं घर से चूम के उसकी आँखें
हर लम्हा बस याद करूं उसकी चाहत की बातें
उसके लिए हो जीना मरना और भला क्या मुझको करना
मेरे लिए खुशहाली हो उसके बिना सब खाली हो
चाहें गोरी हो ...

रात को जब मैं वापस आऊं वो दरवाज़ा खोले
लेके मुझको बाहों में love you darlingबोले
सजके मेरे सामने आए सारे दिन की थकन मिटाए
उसकी अदा निराली हो वो मेरी घरवाली हो
चाहें गोरी हो ...

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image