Browse songs by

Gam\-e\-zindagii kaa yaa rab na milaa ko_ii kinaaraa - - Talat

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


ग़म-ए-ज़िन्दगी का या रब न मिला कोई किनारा
मेरी फ़िक्र-ए-बेकरां ने दो जहां को छान मारा

मेरी आरज़ू को बख़्शी तेरी हर नज़र ने रफ़त
उसे बेकरां करे गा मेरे शौक़ का शरारा

मैं कभी रवां दवां था किसी दश्त-ए-बेख़ुदी में
किसी दूर की सदा ने मुझे पयार से पुकारा

मेरा ज़र्फ़ ये कि लेकर ग़म-ए-बेकरां मैं चुप हूँ
न सुख़न से राज़ पैदा न जबीं से आशकारा

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image