Browse songs by

cha.ndan kii nayyaa pe ho ke savaar gorii

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


लता:
चन्दन की नैय्या पे हो के सवार गोरी
करके सिंगार देखो चली उस पार
देखो चली उस पार
कोरस:
चन्दन की नैय्या पे हो के सवार गोरी
करके सिंगार देखो चली उस पार
देखो चली उस पार
चन्दन की नैय्या पे

ल:
दिल में उमंग लिये, अँखियों में रंग लिये
नैना झुकाये चली है कहाँ
हाथों में हार ले के, नैनो में प्यार ले के
गोरी के साजन खड़े हैं जहाँ
को:
गोरी के साजन खड़े हैं जहाँ
ल:
अपने बलमवा की सुन के पुकार गोरी
को:
करके सिंगार देखो ...

ल:
सपनों में खोयी खोयी, दिन को भी सोयी सोयी
राज़ न दिल का बताए सखी
जिया मजबूर हुआ, कुछ तो ज़रूर हुआ
काहे को हम से छुपाए सखी
को:
काहे को हम से छुपाए सखी
ल:
नैना भी दूर कहीं हो गये चार गोरी
को:
कर के सिंगार देखो ...

ल:
दूर नगर पी का, हाल बुरा जी का
रह-रह के शोर मचाये जिया
को:
दूर नगर पी का, हाल बुरा जी का
रह-रह के शोर मचाये जिया
ल:
खेल निराला खेला, दिल में लगाया मेला
पछताए अब गोरी यह क्या किया
को:
पछताए अब गोरी यह क्या किया
ल:
हँसी-हँसी में कैसी हो गयी हार गोरी
को:
करके सिंगार देखो ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: K Vijay Kumar, Abhay Phadnis
% Date: 7 Nov 2004
% Series: Latanjali
% generated using giitaayan
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image