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bujhaa diye hai.n khud apane haatho.n

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बुझा दिये हैं खुद अपने हाथों, मोहब्बतों के दिये जला के
मेरी वफ़ा ने उजाड़ दी हैं, उम्मीद की बस्तियाँ बसा के

तुझे भुला देंगे अपने दिल से, ये फ़ैसला तो किया है लेकिन
न दिल को मालूम है न हम को, जियेंगे कैसे तुझे भुला के

कभी मिलेंगे जो रासते में, तो मुँह फिरा कर पलट पड़ेंगे
कहीं सुनेंगे जो नाम तेरा, तो चुप रहेंगे नज़र झुका के

न सोचने पर भी सोचती हूँ, के ज़िन्दगानी में क्या रहेगा
तेरी तमन्ना को बस में कर के, तेरे खयालों से दूर जाके

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Rajiv Shridhar (rajiv@hendrix.coe.neu.edu) 
% Date: Sun Jul  9, 1995
% Comments: Pankha Road se Pintu Diwana [39]
%        Oh what a wonderful song Ashok mentioned. I was listening to
%        this in the Suman cassette. it is superb expresion of the
%        emotion of sorrow. The words by Sahir are powerful and the
%        voice is great as well.
		     
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