Browse songs by

bahut buraa hai haal tere majabuur kaa

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


बहुत बुरा है हाल तेरे मजबूर का
कब टूटेगा बलम फ़ासला दूर का

मैं तड़पूँ निस दिन हाय
चैन नहीं आये
जिया है भारी
दिल में आग लगाये
बदरिया कारी
पिया साँवरे दिया है मुझ को
बदला कौ क़ुसूर का
कब टूटेगा बलम ...

उठाऊँ कब तक ग़म का भार
बुरा संसार
न भाये जीना
बहती है दिन रात
आँख की मीना
दिल का सौदा कर सौदाग़र
मौसम नहीं गुरूर का
कब टूटेगा बलम ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: K Vijay Kumar
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image