Browse songs by

apane aap raato.n me.n

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


अपने आप रातों में चिलमनें सरकती हैं
चौंकते हैं दरवाज़े, सीढ़ीयाँ ढड़कती हैं, अपने आप अपने आप

एक अजनबी आहट आ रही है कम-कम सी
जैसे दिल के परदों पर गिर रही हो शबनम सी
बिन किसीकी याद आये दिल के तार हिलते हैं
बिन किसीके खनकाये चूड़ियाँ खनकती हैं, अपने आप
अपने आप

कोई पहले दिन जैसे घर किसीके जाता हो
जैसे ख़्हुद मुसाफ़िर को रासता बुलाता हो
पाँव जाने किस जानिब बेउठाये उठते हैं
और छम-छमा-छम-छम पायलें झनकती हैं, अपने आप

अपने आप रातों में चिलमनें सरकती हैं
चौंकते हैं दरवाज़े, सीढ़ीयाँ भड़कती हैं, अपने आप अपने आप

Comments/Credits:

			 % Credits: Nita Awatramani (nawatramani@my-dejanews.com)
% Editor: Anurag Shankar (anurag@astro.indiana.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image