Browse songs by

aashiyaa.N jal gayaa gul_sitaa.N luT gayaa - - Habib Wali Mohammad

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


आशियाँ जल गया गुल्सिताँ लुट गया
अब क़फ़स से निकल कर किधर जायेंगे
कितने मानूस सैयाद से हो गये
अब रिहाई मिलेगी तो मर जायेंगे
आशियाँ जल गया ...

काले काले वो गेसू शिकन-दर-शिकन
वो तबस्सुम का आलम, चमन-दर्चमन
खींच ली उन की तसवीर दिल ने मेरे
अब वो दामन बचा कर किधर जायेंगे
आशियाँ जल गया ...

और कुछ दिन ये दस्तूर-ए--मैख़ाना है
तश्नक़ामी के ये दिन गुज़र जायेंगे
मेरे साक़ी को नज़रें उठाने तो दो
जितने खाली हैं सब जाम भर जायेंगे
आशियाँ जल गया ...

अश्क़-ए-ग़म ले के आख़िर कहाँ जायें हम
आँसुओं की यहाँ कोई क़ीमत नहीं
आप ही अपना दामन बढ़ा दीजिये
वरना मोती ज़मीं पर बिखर जायेंगे
आशियाँ जल गया ...

ऐ नसीम-ए-सहर तुझ को उन की क़सम
उन से जा कर न कहना मेरा हाल-ए-ग़म
मेरे मिटने का डर तो नहीं है मुझे
डर ये है उन के गेसू बिखर जायेंगे
आशियाँ जल गया ...

View: Plain Text, हिंदी Unicode, image