Browse songs by

aaii ab kii saal divaalii mu.Nh par apane Kuun male

Back to: main index
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image


आई अब की साल दिवाली मुँह पर अपने खून मले
आई अब की साल दिवाली
चारों तरफ़ है घोर अन्धेरा घर में कैसे दीप जले
आई अब की साल ...

बालक तरसे फुलझड़ियों को (दीपों को दीवारें - २)
माँ की गोदी सूनी सूनी (आँगन कैसे संवारे - २)
राह में उनकी जाओ उजालों बन में जिनकी शाम ढले
आई अब की साल ...

जिनके दम से जगमग जगमग (करती थी ये रातें -२)
चोरी चोरी हो जाती थी (मन से मन की बातें - २)
छोड़ चले वो घर में अमावस, ज्योती लेकर साथ चले
आई अब की साल ...

टप-टप टप-टप टपके (आँसू छलकी खाली थाली -२ )
जाने क्या क्या समझाती है (आँखों की ये लाली -२)
शोर मचा है आग लगी है कटते है पर्वत पे गले
आई अब की साल ...

Comments/Credits:

			 % Transliterator: Ravi Kant Rai (rrai@plains.nodak.edu)
% Editor: Anurag Shankar (anurag@chandra.astro.indiana.edu)
		     
View: Plain Text, हिंदी Unicode, image